नहाकर चल दिए -फनी शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

हम ने तुम्हारी याद में रो-रो के टब भर दिए,तुम इतने बेवफा निकले कि नहाकर चल दिए।

फनी शायरी

Related Post

आँखो से आँखे मिलाकर तो देखो,एक बार हमारे पास आकर तो देखो,मिलना चाहेंगे सब लोग तुमसे,एक बार मेरे दोस्त साबुन से नहाकर तो देखो। फनी शायरी

तुम्हें क्या पता गम क्या होता है,तुम्हें क्या पता गम किसे कहते हैं,तुम्हें क्या पता गम क्या चीज है,क्यूंकि - तुमने तो हमेशा थूक से चिपकाया है! फनी शायरी

इससे ज्यादा दुश्मनी कीइन्तहा क्या होगी ग़ालिबटोयलेट की टंकी में कोईबर्फ डाल गया। फनी शायरी

इतने पड़े हैं डंडे( एडमिन द्वारा दिनाँक 04-02-2015 को प्रस्तुत )इतने पड़े हैं डंडे तेरी गली में,अरमान हो गए ठन्डे तेरी गली में,एक हाथ में है कंघी जुल्फे संवारते हैं,गाड़ेंगे आशिकी के झंडे तेरी गली...

इस क़दर था खटमलों का चारपाई में हुजूम,वस्ल का दिल से मेरे अरमान रुख़्सत हो गया। - फनी शायरी

ऐ खुदा... हिचकियों में कुछ तो फर्क डाला होता...अब कैसे पता करूँ कि कौनसी वाली याद कर रही है. - फनी शायरी

leaf-right
leaf-right