न्यूटन संग याद तुम्हारी -फनी शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

अंधकार के घोर तिमिर में हॅसने के बाद रुलाती है,तन्हाई और गम है साथ ये जिंदगी भी तड़पाती है,मेरी हालत भी मुझसे जलती और रूठ जाती है,जब आइंस्टीन और न्यूटन संग याद तुम्हारी आती है।

फनी शायरी

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चाँद को तोड़ दूंगा - सूरज को फोड़ दूंगा - तू एक बार हाँ कर दे पहले वाली को छोड़ दूंगा। फनी शायरी

उम्र की राह में जज्बात बदल जाते है,वक़्त की आंधी में हालात बदल जाते है,सोचता हूं काम कर-कर के रिकॉर्ड तोड़ दूं,कमबख्त सैलेरी देख के ख्यालात बदल जाते हैं। - फनी शायरी

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दिल दो किसी एक( इन्दर पाल ठाकुर द्वारा दिनाँक 09-06-2016 को प्रस्तुत )दिल दो किसी एक को,वो भी किसी नेक को,जब तक मिल ना जाए कोई,ट्राई करते रहो हर एक को। - फनी शायरी

ये बारिश का मौसम बहुत तड़पाता है,वो बस मुझे ही दिल से चाहता है,लेकिन वो मिलने आए भी तो कैसे...?उसके पास न रेनकोट है और ना छाता है। - फनी शायरी

नखरे आपके तौबा-तौबागजब आपका स्टाईल है,मैसेज तो आप कभी करते नहीं,बस हल्ला मचा रखा है किहमारे पास भी मोबाईल है। फनी शायरी

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