न वो सपना देखो -सैड शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

न वो सपना देखो जो टूट जाये,न वो हाथ थामो जो छूट जाये,मत आने दो किसी को करीब इतना,कि दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।

सैड शायरी

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कहानी बस इतनी सी थीतुम्हारी मेरी मोहब्बत की...मौसम की तरह तुम बदल गए,फसल की तरह हम बरबाद हो गए । - सैड शायरी

उल्फत में अक्सर( एडमिन द्वारा दिनाँक 11-03-2016 को प्रस्तुत )उल्फत में अक्सर ऐसा होता है,आँखे हंसती हैं और दिल रोता है,मानते हो तुम जिसे मंजिल अपनी,हमसफर उनका कोई और होता है। - सैड शायरी

इन्ही पत्थरों पे चल कर अगर आ सको तो आओ,मेरे घर के रास्ते में कोई कहकशाँ नहीं है। सैड शायरी

एक न एक दिन मैं ढूँढ ही लूंगा तुमको,ठोंकरें ज़हर तो नहीं कि खा भी ना सकूँ। - सैड शायरी

तुम सुनो या न सुनो, हाथ बढ़ाओ न बढ़ाओ,डूबते-डूबते एक बार पुकारेंगे तुम्हें। - सैड शायरी

दुनिया में कहाँ वफा का सिला देते हैं लोग,अब तो मोहब्बत की सजा देते हैं लोग,पहले सजाते हैं दिलो में चाहतों का ख्वाब,फिर ऐतबार को ही आग लगा देते हैं लोग। सैड शायरी

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