पहली मोहब्बत मेरी -लव शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

पहली मोहब्बत थी मेरी हम ये जान न सके,ये प्यार क्या होता है हम पहचान न सके,हमने उन्हें दिल में बसाया है इस कदर कि,जब भी चाहा हम उसे दिल से निकाल न सके।

लव शायरी

Related Post

मेरे लबों को( एडमिन द्वारा दिनाँक 07-12-2016 को प्रस्तुत )खुदा करे वो अचानक सामने आकर, मेरे लबों को कुछ नए सवाल दे जायें। - लव शायरी

कह देना चाँद उनसे वो हमें बेवफ़ा न समझे,आँखों से दूर हैं मगर दिल से जुदा न समझे,भरा है दिल मोहब्बत से मगर मजबूर रहते हैं,मोहब्बत कम न कर देना कि इतनी दूर रहते हैं।...

होने लगीं दुआएं मुकम्मल( अमिताभ रंजन द्वारा दिनाँक 22-01-2019 को प्रस्तुत )होने लगीं दुआएं मुकम्मल मेरी,आदत हुईं हैं मेरी अदाएं तेरी,आँखों ही आँखों से वो दिल के पास होने लगे,जो थे कल तक अनजाने अब...

चाँद को अपनी निगाहों में उतारो तो सही,हम चले आयेंगे दिल से पुकारो तो सही,दिल की दहलीज मोहब्बत से सजा रखी है,थोड़ा सा वक़्त हमारे साथ गुजारो तो सही। - लव शायरी

काश ये पल तुम्हारे साथ थम जाता,इस पल को जिंदगी भर जीने को मन करता है।मगर जो थम जाये वो जिंदगी नहीं। - लव शायरी

तूने मोहब्बत, मोहब्बत से ज्यादा की थी, मैंने मोहब्बत तुझसे भी ज्यादा की थी, अब किसे कहोगे मोहब्बत की इन्तेहाँ, हमने शुरुआत ही इन्तेहाँ से ज्यादा की थी। लव शायरी

leaf-right
leaf-right