पहले हम लोटा थे -फनी शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

एक बेवफा की याद में हम कुछ ख़ास हो गए,पहले हम लोटा थे पर अब गिलास हो गए।

फनी शायरी

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मरना हैं तो मरो अपने वतन के लिये,क्यों मरतें हो एक दुल्हन के लिये,इश्क के गलियों में खींचकर मारे जाओगे,कोई चन्दा भी ना देगा कफन के लिये। - फनी शायरी

उम्र की राह में जज्बात बदल जाते है,वक़्त की आंधी में हालात बदल जाते है,सोचता हूं काम कर-कर के रिकॉर्ड तोड़ दूं,कमबख्त सैलेरी देख के ख्यालात बदल जाते हैं। - फनी शायरी

हमसे मोहब्बत का दिखावा न किया कर,हमे मालुम है तेरे वफा की डिगरी फर्जी है । - फनी शायरी

इतने पड़े हैं डंडे( एडमिन द्वारा दिनाँक 04-02-2015 को प्रस्तुत )इतने पड़े हैं डंडे तेरी गली में,अरमान हो गए ठन्डे तेरी गली में,एक हाथ में है कंघी जुल्फे संवारते हैं,गाड़ेंगे आशिकी के झंडे तेरी गली...

ये मोहब्बत नहीं, उसूल-ए-वफ़ा है ऐ दोस्त,हम जान तो दे देंगे जान का नंबर नहीं देंगे। फनी शायरी

चारपाई में खटमल( एडमिन द्वारा दिनाँक 26-11-2016 को प्रस्तुत )इस क़दर था खटमलों का चारपाई में हुजूम,वस्ल का दिल से मेरे अरमान रुख़्सत हो गया। - फनी शायरी

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