पहले ज़िन्दगी छीन ली -बेवफा शायरी

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  • October 31, 2021

पहले ज़िन्दगी छीन ली मुझसे,अब मेरी मौत का वो फायदा उठाती है,मेरी कब्र पे फूल चढाने के बहाने,वो किसी और से मिलने आती है।

बेवफा शायरी

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हमें न मोहब्बत मिली( एडमिन द्वारा दिनाँक 03-07-2015 को प्रस्तुत )हमें न मोहब्बत मिली न प्यार मिला,हम को जो भी मिला बेवफा यार मिला ।अपनी तो बन गई तमाशा ज़िन्दगी,हर कोई मकसद का तलबगार मिला...

नज़ारे तो बदलेंगे ही ये तो कुदरत है,अफ़सोस तो हमें तेरे बदलने का हुआ है। - बेवफा शायरी

वो बेवफा ना आई( प्रदीप कुमार द्वारा दिनाँक 17-10-2017 को प्रस्तुत )जल-जल के दिल मेरा जलन से जल रहा,एक अश्क मेरे आँख में मुद्दत से पल रहा,जिसका मैं कर रहा हूँ घुट-घुट के इंतजार,वो बेवफा...

बेवफायी का मौसम भी अब( एडमिन द्वारा दिनाँक 04-07-2015 को प्रस्तुत )बेवफायी का मौसम भीअब यहाँ आने लगा है,वो फिर से किसी और कोदेख कर मुस्कुराने लगा है । - बेवफा शायरी

चलो खेलें वही बाजीजो पुराना खेल है तेरा,तू फिर से बेवफाई करनामैं फिर आँसू बहाऊंगा। - बेवफा शायरी

ट्रैफिक सिग्नल पर आज उसकी याद आ गई,रंग उसने भी अपना कुछ इसी तरह बदला था। बेवफा शायरी

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