पुकार के लाया -दिल शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

चल न उठके वहीं चुपके चुपके तू ऐ दिल,अभी उसकी गली से पुकार के लाया हूँ।

दिल शायरी

Related Post

तजुर्बा कहता हैमोहब्बत से किनारा कर लूँ - और दिल कहता हैये तज़ुर्बा दोबारा कर लूँ। दिल शायरी

मुझे रिश्तो की लम्बी कतारों सेक्या मतलब...कोई दिल से हो मेरा तो एकशख्स ही काफी है । - दिल शायरी

दिल वो है जो फ़रियाद से भरा रहता है हर वक़्त,हम वो हैं कि कुछ मुँह से निकलने नहीं देते। - दिल शायरी

ये दिल बुरा सही मगर सर-ए-बाजार तो न कह,आखिर तू इस मकान में कुछ दिन रहा तो है। - दिल शायरी

मत कर मोहब्बत ऐ दिल( एडमिन द्वारा दिनाँक 16-02-2018 को प्रस्तुत )ऐ दिल! मत कर इतनी मोहब्बत तू किसी से,इश्क़ में मिला दर्द तू सह नहीं पायेगा,टूट कर बिखर जायेगा एक दिन अपनों के हाथों,किसने...

वो दिल लेकर हमें बेदिल ना समझें उनसे कह देना,जो हैं मारे हुए नज़रों के उनकी हर नज़र दिल है। - दिल शायरी

leaf-right
leaf-right