बीमारे-इश्क को आराम -इश्क़ शायरी

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  • October 31, 2021

गजल-ए-उल्फत पढ़ लिया करो,एक खुराक सुबह एक खुराक शाम,ये वाहिद दवा है जिससे,बीमारे-इश्क को मिलता है तुरंत आराम।

इश्क़ शायरी

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उसी से पूछ लो उसके इश्क की कीमत,हम तो बस भरोसे पे बिक गए। इश्क़ शायरी

खतम हो गई कहानी,बस कुछ अलफाज बाकी हैं,एक अधूरे इश्क कीएक मुकम्मल सी याद बाकी है। - इश्क़ शायरी

इश्क ने हमसे कुछ ऐसी साजिशें रची हैं,मुझमें मैं नहीं हूँ अब बस तू ही तू बसी है। - इश्क़ शायरी

मोहब्बत में इतना दम( देशराज द्वारा दिनाँक 05-05-2017 को प्रस्तुत )तुझे देखे बिना तेरी तस्वीर बना दूँ,तुझे मिले बिना तेरा हाल बता दूँ,मेरी मोहब्बत में इतना दम है कि,तेरी आँखों के आँसू अपनी आँखों से...

अकेले हम शामिल नहीं( प्रदूम कुमार द्वारा दिनाँक 11-06-2016 को प्रस्तुत )अकेले हम ही शामिल नहीं हैं इस जुर्म में जनाब, नजरें जब भी मिली थी मुस्कराये तुम भी थे। - इश्क़ शायरी

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