बेवफ़ा पहले से था -बेवफा शायरी

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  • October 31, 2021

उसके तर्क-ए-मोहब्बत का सबब होगा कोई,जी नहीं मानता कि वो बेवफ़ा पहले से था।

बेवफा शायरी

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कैसी अजीब तुझसे यह जुदाई थी,कि तुझे अलविदा भी ना कह सका,तेरी सादगी में इतना फरेब था,कि तुझे बेवफा भी ना कह सका। - बेवफा शायरी

बेवफ़ा पहले से था( एडमिन द्वारा दिनाँक 08-12-2016 को प्रस्तुत )उसके तर्क-ए-मोहब्बत का सबब होगा कोई,जी नहीं मानता कि वो बेवफ़ा पहले से था। - बेवफा शायरी

बेवफा लिखता होगा( एडमिन द्वारा दिनाँक 09-01-2016 को प्रस्तुत )कौन सी स्याही औरकौन सी कलम से लिखताहोगा...जब वो किसी के नसीबमें एक बेवफा लिखताहोगा। - बेवफा शायरी

जिन फूलों को संवारा थाहमने अपनी मोहब्बत से,हुए खुशबू के काबिल तोबस गैरों के लिए महके। बेवफा शायरी

छोड़ गए हमको वो अकेले ही राहों में,चल दिए रहने वो औरों की पनाहों में,शायद मेरी चाहत उन्हें रास नहीं आई,तभी तो सिमट गए वो गैर की बाहों में। - बेवफा शायरी

वो कब का भूल चुका होगा हमारी वफ़ा का किस्सा,बिछड़ के किसी को किसी का ख्याल कब रहता है। बेवफा शायरी

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