भुला क्यों नहीं देते -शिक़वा शायरी

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  • October 31, 2021

हमसे प्यार नहीं है तो भुला क्यों नहीं देते,खत किसलिए रखे हैं जला क्यों नहीं देते,किस वास्ते लिखा है हथेली पर मेरा नाम,मैं हर्फ़ गलत हूँ तो मिटा क्यों नहीं देते।

शिक़वा शायरी

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एक मुद्दत से मेरे हाल से बेगाना है,जाने ज़ालिम ने किस बात का बुरा माना है,मैं जो ज़िद्दी हूँ तो वो भी कुछ कम नहीं,मेरे कहने पर कहाँ उसने चले आना है।। शिक़वा शायरी

बस यही सोचकर कोई( एडमिन द्वारा दिनाँक 05-10-2015 को प्रस्तुत )बस यही सोचकर कोई सफाई नहीं दी हमने,कि इलज़ाम भले ही झूठे हो पर लगाये तो तुमने है। - शिक़वा शायरी

मैं क़ाबिल-ए-नफ़रत हूँ तो छोड़ दो मुझको,यूं मुझसे दिखावे की मोहब्बत ना किया करो। शिक़वा शायरी

मुझसे मिलने को करता था बहाने कितने,अब मेरे बिना गुजारेगा वो जमाने कितने। शिक़वा शायरी

किसी और से नहीं( एडमिन द्वारा दिनाँक 03-07-2015 को प्रस्तुत )किसी और से नहीं परखुद से गिला है मुझको,शायद...खुद मेरी वजह से मेरीज़िन्दगी छोङ गई मुझको । - शिक़वा शायरी

इश्क़ कातिल से भी मक़तूल से हमदर्दी भी,ये बता किस से मोहब्बत की जज़ा माँगेगा,सजदा खालिक़ को भी इब्लीस से याराना भी,हशर में किस से अक़ीदत का सिला माँगेगा। - शिक़वा शायरी

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