मसला ये नहीं है -दर्द शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

मसला ये नहीं है किदर्द कितना है,

दर्द शायरी

Related Post

सजा कैसी मिली मुझको तुमसे दिल लगाने की,रोना ही पड़ा है जब कोशिश की मुस्कुराने की,कौन बनेगा यहाँ मेरी दर्द-भरी रातों का हमराज,दर्द ही मिला जो तुमने कोशिश की आजमाने की। दर्द शायरी

सब किश्तियाँ मेरी( अनिल कुमार साहू द्वारा दिनाँक 06-11-2018 को प्रस्तुत )उलटी पड़ी हैं रेत पर सब किश्तियाँ मेरी...कोई ले गया है दिल से समंदर निकाल कर।~अनिल कुमार साहू - दर्द शायरी

दूर जाकर भी हम दूर जा न सकेंगे,कितना रोयेंगे हम बता न सकेंगे,ग़म इसका नहीं की आप मिल न सकोगे,दर्द इस बात का होगा कि हम आपको भुला न सकेंगे। दर्द शायरी

दर्द हो तो कोई मौसम प्यारा नहीं होता,दिल में प्यास हो तो पानी से गुजारा नहीं होता,काश कोई समझ पाता हमारी बेबसी को,हम सबके हो जाते हैं कोई हमारा नहीं होता। - दर्द शायरी

हमें तो दर्द माफिक है( एडमिन द्वारा दिनाँक 06-01-2019 को प्रस्तुत )मोहब्बत की नफ़ासत का बहाना भूल जाओगे,हमारे ज़ख्म देखोगे निभाना भूल जाओगे,हमें तो दर्द माफिक है मौसम-ए-हिज्र में हमदम,इसे तुम जी के देखोगे ज़माना...

ज़ख्म का हिसाब( देव कुमार द्वारा दिनाँक 08-02-2017 को प्रस्तुत )चलो उनको मोहब्बत का खिताब दिया जाये,कि उनके दिए हर ज़ख्म का हिसाब किया जाये। - दर्द शायरी

leaf-right
leaf-right