महकती हैं वो ग़ज़ल – लव शायरी – लव शायरी

  • By Admin

  • February 27, 2022

महकती हैं वो ग़ज़ल

तुम्हारी खुशबू से महकती हैं वो ग़ज़ल भी,
जिसमें लिखता हूँ मैं कि तुम्हें भूल गया हूँ।

- लव शायरी

Related Post

दिल की धड़कन और मेरी सदा है वो,मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है वो,चाहा है उसे मैंने चाहत से बढ़ कर,मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है वो। - लव शायरी

ज़िक्र करता है दिल सुबह शाम तेरा,गिरते हैं आँसू बनता है नाम तेरा,किसी और को क्यों देखे ये आँखें,जब दिल पे लिखा सिर्फ नाम तेरा। - लव शायरी

मेरे दिल ने जब भी कभी कोई दुआ माँगी है,हर दुआ में बस तेरी ही वफ़ा माँगी है,जिस प्यार को देख कर जलते हैं यह दुनिया वाले,तेरी मोहब्बत करने की बस वो एक अदा माँगी...

उसे छुआ न कर( मोहन द्वारा दिनाँक 15-09-2016 को प्रस्तुत )ऐ जिंदगी मुझसे दगा ना करमैं जिंदा रहूं ये दुआ न करकोई छूता है तुझको तो होती है जलनऐ हवा तू भी उसे छुआ न...

वो नाम जो मेरे होंठों पर( एडमिन द्वारा दिनाँक 17-02-2019 को प्रस्तुत )अब किससे कहें और कौन सुने जो हाल तुम्हारे बाद हुआ,इस दिल की झील सी आँखों में एक ख़्वाब बहुत बर्बाद हुआ,यह हिज्र-हवा...

लाजवाब कर देते हैं तेरे खयाल दिल को,मोहब्बत तुझसे अच्छा तेरा तसव्वुर है। लव शायरी

leaf-right
leaf-right