माँ बेखबर नहीं करती – माँ शायरी

कोई दुआ असर नहीं करती,
जब तक वो हमपर नजर नहीं करती,
हम उसकी खबर रखे न रखे,
वो कभी हमें बेखबर नहीं करती।

- माँ शायरी

Related Post

किसकी माँ ने कितना ज़ेवर( एडमिन द्वारा दिनाँक 08-05-2018 को प्रस्तुत )शहर में जाकर पढ़ने वाले भूल गएकिसकी माँ ने कितना ज़ेवर बेचा था। - माँ शायरी

बस एक माँ की मोहब्ब्बत दिखाई देती है,जमीं पे एक ही औरत दिखाई देती है,ऐ बूढ़ी माँ तेरे चेहरे की झुर्रियों की कसम,हर एक लकीर में जन्नत दिखाई देती है। माँ शायरी

माँ की दुआ( मोहम्मद शफ़ी कुरेशी द्वारा दिनाँक 05-08-2018 को प्रस्तुत )खयाल-ए-यार हर एक ग़म को टाल देता है,सुकून दिल को तुम्हारा जमाल देता है,ये मेरी माँ की दुआओ का फ़ैज़ है मुझपर,मैं डूबता हूँ...

जन्नत के हर लम्हे का दीदार किया था,गोद में लेकर जब मॉ ने प्यार किया था। माँ शायरी

नीचे गिरे सूखे पत्तों पर अदब से चलना ज़राकभी कड़ी धूप में तुमनेइनसे ही पनाह माँगी थी। - माँ शायरी

जिन्दा जज्बात दिल-ए-फौलाद रखता हूँ,अजीज मिजाज ज़ख्म-ए-इलाज रखता हूँ,मुझे क्या खौफ़ इन अंधेरों से माँ,तेरी दुआओं का दीया जो अपने पास रखता हूँ। माँ शायरी

leaf-right
leaf-right