मुझसे इतनी नफरत -नफरत शायरी

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  • October 31, 2021

चला जाऊँगा मैं धुंध के बादल की तरह,देखते रह जाओगे मुझे पागल की तरह,जब करते हो मुझसे इतनी नफरत तो क्यों,सजाते हो आँखो में मुझे काजल की तरह।

नफरत शायरी

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गुजरे हैं इश्क़ में हम इस मुकाम सेनफरत सी हो गई है मोहब्बत के नाम सेहम वह नहीं जो मोहब्बत में रो कर केजिंदगी को गुजार दे...अगर परछाई भी तेरी नजर आ जाएतो उसे भी...

नफरत थी मुझसे तो इज़हार क्यों किया,देना था ज़हर मुझको तो प्यार क्यों किया,ज़हर दे के कहते हो पीना ही होगा,पी गया तो कहते हो अब जीना ही होगा। नफरत शायरी

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