मेरी खामोशियों में भी -शिक़वा शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

मेरी खामोशियों में भी कोई फसाना ढुंढ लेती है,बड़ी शातिर है ये दुनिया - सताने का कोई ना कोई बहाना ढूंढ लेती है l

शिक़वा शायरी

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