मेरी तलाश का है -बेवफा शायरी

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  • October 31, 2021

मेरी तलाश का है जुर्मया मेरी वफा का क़सूर,जो दिल के करीब आयावही बेवफा निकला।

बेवफा शायरी

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ऐ बेवफा तेरी बेवफ़ाई में दिल बेकरार ना करूँ,अगर तू कह दे तो तेरा इंतेज़ार ही ना करूँ,तू बेवफा है तो कुछ इस कदर बेवफ़ाई कर,कि तेरे बाद मैं किसी से प्यार ही ना करूँ।...

जो जले थे हमारे लिऐ,बुझ रहे हैं वो सारे दिये,कुछ अंधेरो ने की थी साजिशें,कुछ उजालों ने धोखे दिये. बेवफा शायरी

भले किसी ग़ैर की जागीर थी वो,पर मेरे ख्वाबों की तस्वीर थी वो,मुझे मिलती तो कैसी मिलती...किसी और के हिस्से की तकदीर थी वो । - बेवफा शायरी

हर रात उसको इस तरह से भुलाता हूँ,दर्द को सीने में दबा के सो जाता हूँ। - बेवफा शायरी

अदाओं में बेरुखी( अमन सिंह द्वारा दिनाँक 20-10-2017 को प्रस्तुत )नफरत को मोहब्बत की आँखों में देखा,बेरुखी को उनकी अदाओं में देखा,आँखें नम हुईं और मैं रो पड़ा...जब अपने को गैरों की बाहों में देखा।...

रंग उसने भी( रईस रायपुरी द्वारा दिनाँक 07-07-2018 को प्रस्तुत )ट्रैफिक सिग्नल पर आज उसकी याद आ गई,रंग उसने भी अपना कुछ इसी तरह बदला था। - बेवफा शायरी

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