मेरी ये बेचैनियाँ – लव शायरी

मेरी ये बेचैनियाँ... और उन का कहना नाज़ से,
हँस के तुम से बोल तो लेते हैं और हम क्या करें।

- लव शायरी

Related Post

दिन रात हम वो हर काम लिख लेते हैं,तेरी याद में गुजरी हर शाम लिख लेते हैं,तुझे देखे बिना इक पल भी कटता नहीं,अकेले में हथेली पे तेरा नाम लिख लेते हैं। - लव शायरी

नहीं जो दिल में जगह तो नजर में रहने दो,मेरी हयात को तुम अपने असर में रहने दो,मैं अपनी सोच को तेरी गली में छोड़ आया हूँ,मेरे वजूद को ख़्वाबों के घर में रहने दो।...

नजरों को तेरे प्यार से( बनती मिश्रा द्वारा दिनाँक 10-06-2017 को प्रस्तुत )नजरों को तेरे प्यार से इंकार नहीं है,अब मुझे किसी और का इंतज़ार नहीं है,खामोश अगर हूँ मैं तो ये वजूद है मेरातुम...

प्यार में ग़मज़दा( एडमिन द्वारा दिनाँक 18-10-2019 को प्रस्तुत )प्यार में ग़मज़दा न हो जाना,देख लेना, सजा न हो जाना,मुश्किलें तो बेशुमार आएँगी,थक न जाना, जुदा न हो जाना,एक तुम्हीं को खुदा से मांगे हैं,तुम...

मेरी चाहतें आप से अलग कब हैं,दिल की बातें आप से छुपी कब हैं,आप साथ रहो दिल में धड़कन की तरह,फिर ज़िन्दगी को साँसों की ज़रूरत कब है। - लव शायरी

लोग कहते हैं कि तू अब भी ख़फ़ा है मुझ से,तेरी आँखों ने तो कुछ और कहा है मुझ से। लव शायरी

leaf-right
leaf-right