मेरे हवास इश्क़ में – इश्क़ शायरी

मेरे हवास इश्क़ में क्या कम हैं मुंतशिर,
मजनूँ का नाम हो गया क़िस्मत की बात है।

- इश्क़ शायरी

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इश्क़ गुनाह है( एडमिन द्वारा दिनाँक 21-10-2016 को प्रस्तुत )अगर इश्क़ गुनाह है तो गुनाहगार है खुदा,जिसने बनाया दिल किसी पर आने के लिए। - इश्क़ शायरी

दिल एक हो तो कई बार क्यों लगाया जाये,बस एक इश्क़ ही काफी है अगर निभाया जाये। इश्क़ शायरी

खिड़की से झांकता हूँ मै,सबसे नज़र बचा करबेचैन हो रहा हूँ,क्यों घर की छत पे आ करक्या ढूँढता हूँ,जाने क्या चीज खो गई है,इन्सान हूँ,शायद मोहब्बत हमको भी हो गई । इश्क़ शायरी

मेरे इश्क़ की इन्तहा( एडमिन द्वारा दिनाँक 22-06-2016 को प्रस्तुत )वो मुझ तक आने की राह चाहता है,लेकिन मेरी मोहब्बत का गवाह चाहता है,खुद आते जाते मौसमों की तरह है,और मेरे इश्क़ की इन्तहा चाहता...

होश आये तो क्यों कर( राजेश कुमार द्वारा दिनाँक 11-02-2015 को प्रस्तुत )होश आये तो क्यों कर तेरे दीवाने को,एक जाता है तो दो आते हैं समझाने को । - इश्क़ शायरी

तुम को तो जान से( विवेक सिंह द्वारा दिनाँक 18-02-2015 को प्रस्तुत )तुम को तो जान से प्यारा बना लिया;दिल का सुकून आँख का तारा का बना लिया;अब तुम साथ दो या ना दो तुम्हारी...

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