मैं क़ाबिल ए नफ़रत हूँ तो -शिक़वा शायरी

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  • October 31, 2021

मैं क़ाबिल-ए-नफ़रत हूँ तो छोड़ दो मुझको,यूं मुझसे दिखावे की मोहब्बत ना किया करो।

शिक़वा शायरी

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आख़िर तुम भी उस आइने की तरह ही निकले,जो भी सामने आया तुम उसी के हो गए। - शिक़वा शायरी

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अब देखिये तो किस की जान जाती है,मैंने उसकी और उसने मेरी कसम खायी है। - शिक़वा शायरी

गर जिंदगी में मिल गए( एडमिन द्वारा दिनाँक 11-07-2017 को प्रस्तुत )गर जिंदगी में मिल गए फिर इत्तेफाक से,पूछेंगे अपना हाल तेरी बेबसी से हम।~ साहिर लुधियानवी - शिक़वा शायरी

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