मौत के दिन मुलाकात -मौत शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

इंतज़ार है हमें तो बस अपनी मौत का,उनका वादा है कि उस दिन मुलाकात होगी।

मौत शायरी

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मौत को बदनाम( जीतू कलसरा द्वारा दिनाँक 20-08-2017 को प्रस्तुत )मौत को तो यूँ ही बदनाम करते हैं लोग,तकलीफ तो साली ज़िन्दगी देती है!! - मौत शायरी

अपनी मौत का पैगाम( आर्यन वर्मा द्वारा दिनाँक 12-06-2016 को प्रस्तुत )रूह ए इश्क़ का अंजाम तो देखोअपनी मौत का पैगाम तो देखो,खुदा खुद लेने आया है जमीन परये टूटे दिल का इनाम तो देखो।...

आखिरी साँसें बची( एडमिन द्वारा दिनाँक 06-08-2017 को प्रस्तुत )चले आओ सनम बस आखिरी साँसें बची हैं कुछ,तुम्हारी दीद हो जाती तो खुल जातीं मेरे आँखें। - मौत शायरी

हम भी कभी इंसान थे( दीपक कुमार द्वारा दिनाँक 30-08-2017 को प्रस्तुत )एक दिन निकला सैर को मेरे दिल में कुछ अरमान थे,एक तरफ थी झाड़ियाँ... एक तरफ श्मशान थे,पैर तले इक हड्डी आई उसके...

दिले ख्वाहिश जनाब कोई उनसे भी तो पूछे,ख्वाहिश में जरुर वो मेरी मौत ही मांगेंगे देखना। मौत शायरी

रूह ए इश्क़ का अंजाम तो देखोअपनी मौत का पैगाम तो देखो,खुदा खुद लेने आया है जमीन परये टूटे दिल का इनाम तो देखो। - मौत शायरी

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