मौत को बदनाम -मौत शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

मौत को तो यूँ ही बदनाम करते हैं लोग,तकलीफ तो साली ज़िन्दगी देती है!!

मौत शायरी

Related Post

कफ़न की गिरह खोल करमेरा दीदार तो कर लो,बंद हो गई हैं वो आँखेजिन से तुम शरमाया करती थी। - मौत शायरी

लिया हो जो न आपने ऐसा कोई इम्तिहान न रहा,इंसान आखिर मोहब्बत में इंसान न रहा,है कोई बस्ती जहाँ से न उठा हो जनाज़ा दीवाने का,आशिक की कुर्बत से महरूम कोई कब्रिस्तान न रहा। मौत...

लिया हो जो न आपने ऐसा कोई इम्तिहान न रहा,इंसान आखिर मोहब्बत में इंसान न रहा,है कोई बस्ती जहाँ से न उठा हो जनाज़ा दीवाने का,आशिक की कुर्बत से महरूम कोई कब्रिस्तान न रहा। -...

मौत से कह दो( एडमिन द्वारा दिनाँक 24-11-2016 को प्रस्तुत )अब मौत से कह दो कि नाराज़गी खत्म कर ले,वो बदल गया है जिसके लिए हम ज़िंदा थे​। - मौत शायरी

एक दिन निकला सैर को मेरे दिल में कुछ अरमान थे,एक तरफ थी झाड़ियाँ - एक तरफ श्मशान थे,पैर तले इक हड्डी आई उसके भी यही बयान थे,चलने वाले संभल कर चलना हम भी कभी...

चले आओ सनम बस आखिरी साँसें बची हैं कुछ,तुम्हारी दीद हो जाती तो खुल जातीं मेरे आँखें। - मौत शायरी

leaf-right
leaf-right