यादों का बाजार -याद शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सरेआम,फिर मेरी रात इसी रौनक में गुजर जाती है।

याद शायरी

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अहसास मिटा,तलाश मिटी,मिट गई उम्मीदें भी,सब मिट गया पर,जो न मिट सकावो है यादें तेरी। - याद शायरी

हमसे दूर जाओगे कैसे,दिल से हमें भुलाओगे कैसे,हम वो खुशबू हैं जो साँसों में बसते हैं,भला साँसों को रोक पाओगे कैसे। याद शायरी

बन कर अजनबी( एडमिन द्वारा दिनाँक 04-02-2015 को प्रस्तुत )बन कर अजनबी मिले थे ज़िंदगी के सफ़र में,इन यादों के लम्हों को मिटायेंगे नहीं,अगर याद रखना फितरत है आपकी,तो वादा है हम भी आपको भुलायेंगे...

यूँ दूर रहकर दूरियों को बढ़ाया नहीं करते,अपने दीवानों को ऐसे सताया नहीं करते,हर वक़्त बस जिसे तुम्हारा हो ख्याल,उसे अपनी आवाज़ के लिए तड़पाया नहीं करते।Missing You Dear... - याद शायरी

जरूरी तो नहीं है कि तुझे आँखों से ही देखूँ,तेरी याद का आना भी तेरे दीदार से कम नहीं। याद शायरी

तुझे रातों को इस कदर याद करता हूँ,जैसे कल इम्तिहान हो मेरा तेरी यादों का। याद शायरी

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