ये इश्क़ की इन्तहा -इश्क़ शायरी

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  • October 31, 2021

दिल की हसरत मेरी जुबान पे आने लगी,तूने देखा और ये ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी,ये इश्क़ की इन्तहा थी या दीवानगी मेरी,हर सूरत में सूरत तेरी नजर आने लगी।

इश्क़ शायरी

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इश्क़ की गलियों में( एडमिन द्वारा दिनाँक 05-11-2018 को प्रस्तुत )भटक जाते हैं लोग अक्सरइश्क़ की गलियों में,इस सफर का कोई इकनक्शा तो होना चाहिए। - इश्क़ शायरी

इक बात कहूँ इश्क़ बुरा तो नहीं मानोगे,बड़ी मौज के थे दिन, तुमसे पहचान से पहले। इश्क़ शायरी

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उसी से पूछ लो( गौरव सिंह पटेल द्वारा दिनाँक 05-04-2017 को प्रस्तुत )उसी से पूछ लो उसके इश्क की कीमत,हम तो बस भरोसे पे बिक गए। - इश्क़ शायरी

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