ये शेरो-शायरी सब -दो लाइन शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

ये शेरो-शायरी सब उसी की मेहरबानी है,वो कसक जो सीने से आज भी नहीं जाती।

दो लाइन शायरी

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वो क़त्ल कर के भी मुंसिफों में शामिल है,हम जान देकर भी जमाने में खतावार हुए। - दो लाइन शायरी

लोग तो मजबूर हैं मरेंगे पत्थर,क्यूँ न हम शीशों से कह दें टूटा न करें। दो लाइन शायरी

छेड़ आती हैं कभी लब तो कभी रूखसारों कोतुमने ज़ुल्फ़ों को बहुत सर पर चढा रखा है । दो लाइन शायरी

क्या गज़ब है उसकी ख़ामोशी - मुझ से बातें हज़ार करती है - ।। दो लाइन शायरी

यूँ चले जाते हैंअपनी ही महफ़िल से रुखसत होकरयूँ दिल को लगाकरजलाना कोई उनसे सीखे। - दो लाइन शायरी

आंधी ने तोड़ दी हैं( एडमिन द्वारा दिनाँक 04-02-2015 को प्रस्तुत )आंधी ने तोड़ दी हैं दरख्तों की टहनियांकैसे कटेगी रात.... परिंदे उदास हैं..। - दो लाइन शायरी

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