ये हुनर भी – जिंदगी शायरी

जिंदगी में ये हुनर भी आजमाना चाहिए,
अपनों से हो जंग तो हार जाना चाहिए।

- जिंदगी शायरी

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धूप और छाँव कि पतली लकीर पर खड़ा हूँ,दोनों पार यादें हैं सपने हैं उम्मीदें हैंऔर है बहता हुआ वक्त भी...। - जिंदगी शायरी

एक साँस सबके हिस्से से हर पल घट जाती है,कोई जी लेता है जिंदगी किसी की कट जाती है। - जिंदगी शायरी

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आफत है जिंदगी( राज सिंह द्वारा दिनाँक 25-09-2017 को प्रस्तुत )मौत से कैसा डर... मिनटों का खेल है,आफत तो जिंदगी है बरसों चला करती है। - जिंदगी शायरी

शायद यही ज़िंदगी का इम्तिहान होता है,हर एक शख्स किसी का गुलाम होता है,कोई ढूढ़ता है ज़िंदगी भर मंज़िलों को,कोई पाकर मंज़िलों को भी बेमुकाम होता है। - जिंदगी शायरी

बेगाने होते लोग देखे,अजनबी होता शहर देखाहर इंसान को यहाँ,मैंने खुद से ही बेखबर देखा। जिंदगी शायरी

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