रुखी रोटी बाँट कर -गरीबी पर शायरी

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  • October 31, 2021

रुखी रोटी को भी बाँट कर खाते हुये देखा मैंने,सड़क किनारे वो भिखारी शहंशाह निकला।

गरीबी पर शायरी

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