लौ चिरागों की -दो लाइन शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

अभी महफ़िल में चेहरे नादान नज़र आते हैं,लौ चिरागों की जरा और घटा दी जाये।

दो लाइन शायरी

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जिनके दिल में( एडमिन द्वारा दिनाँक 24-11-2015 को प्रस्तुत )बच के रहना ऐसे लोगों से मेरे दोस्तों,जिनके दिल में भी एक दिमाग रहता है। - दो लाइन शायरी

बिखरने का सब़ब क्या( एडमिन द्वारा दिनाँक 07-10-2015 को प्रस्तुत )बिखरने का सब़ब क्या कहें यारों किसी से अब,काँच टूटता है तो कुछ टुकड़े समेटने में नहीं आते। - दो लाइन शायरी

किसकी मजाल थी जो( एडमिन द्वारा दिनाँक 04-02-2015 को प्रस्तुत )किसकी मजाल थी जो हमको खरीद सकता था ।हम तो खुद ही बिक गए हैं खरीदार देख कर..।। - दो लाइन शायरी

दुनिया खरीद लेगी हर मोड़ पर तुझे,तूने जमीर बेचकर अच्छा नहीं किया। - दो लाइन शायरी

फरियाद कर रही है ये तरसी हुई निगाह,देखे हुए किसी को ज़माना गुजर गया। दो लाइन शायरी

बस यही दो मसले, जिंदगी भर ना हल हुए,ना नींद पूरी हुई... ना ख्वाब मुकम्मल हुए। - दो लाइन शायरी

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