वतन की मोहब्बत – देशभक्ति शायरी – देशभक्ति शायरी

  • By Admin

  • February 27, 2022

वतन की मोहब्बत

फना होने की इज़ाजत ली नहीं जाती,
ये वतन की मोहब्बत है जनाब
पूछ के की नहीं जाती।

- देशभक्ति शायरी

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जिस बात को मुफ़ीद समझते हो ख़ुद करो,औरों पे उसका बार न इसरार से धरो,हालात मुख़्तलिफ़ हैं, ज़रा सोच लो यह बात,दुश्मन तो चाहते हैं कि आपस में लड़ मरो। - देशभक्ति शायरी

लहू शहीदों का( नीरज राज द्वारा दिनाँक 31-01-2019 को प्रस्तुत )करीब मुल्क के आओ तो कोई बात बने,बुझी मशाल को जलाओ तो कोई बात बने,सूख गया है जो लहू शहीदों का,उसमें अपना लहू मिलाओ तो...

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करीब मुल्क के आओ तो कोई बात बने,बुझी मशाल को जलाओ तो कोई बात बने,सूख गया है जो लहू शहीदों का,उसमें अपना लहू मिलाओ तो कोई बात बने। - देशभक्ति शायरी

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