वफ़ा की तलाश में -बेवफा शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

इंसान के कंधों पर इंसान जा रहा था,कफ़न में लिपटा अरमान जा रहा था,जिसे भी मिली बे-वफ़ाई मोहब्बत में,वफ़ा की तलाश में श्मशान जा रहा था।

बेवफा शायरी

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चलो खेलें वही बाजीजो पुराना खेल है तेरा,तू फिर से बेवफाई करनामैं फिर आँसू बहाऊंगा। बेवफा शायरी

कुछ लोग यहाँ पर( कृष्ण प्रजापत द्वारा दिनाँक 02-08-2017 को प्रस्तुत )इकरार बदलते रहते है... इंकार बदलते रहते हैं,कुछ लोग यहाँ पर ऐसे है जो यार बदलते रहते हैं। - बेवफा शायरी

टूटा दिल तो गम कैसा,वो चल दिये तो सितम कैसा,मन भरा यार बदले,बेवफा हुए साफ,तो फिर इश्क का भ्रम कैसा । बेवफा शायरी

पहले इश्क फिर धोखा( Admin द्वारा दिनाँक 22-08-2015 को प्रस्तुत )पहले इश्क फिर धोखा फिर बेवफ़ाई,बड़ी तरकीब से एक शख्स ने तबाह किया । - बेवफा शायरी

दिल्लगी थी बेवफा से( एडमिन द्वारा दिनाँक 28-03-2016 को प्रस्तुत )टूटे हुए दिल ने भी उसके लिए दुआ मांगी,मेरी साँसों ने हर पल उसकी ख़ुशी मांगी,न जाने कैसी दिल्लगी थी उस बेवफा से,कि मैंने आखिरी...

सुबकती रही रात अकेलीतनहाइयों के आगोश़ में,और वो काफिऱ दिन से मोहब्बत करकेउसका हो गया। बेवफा शायरी

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