वो दिल ही नहीं रहे – दिल शायरी – दिल शायरी

  • By Admin

  • February 27, 2022

वो दिल ही नहीं रहे

तू भी खामख्वाह बढ़ रही है ऐ धूप,
इस शहर में पिघलने वाले दिल ही नहीं रहे।

- दिल शायरी

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आँसू नहीं हैं आँख में लेकिन तेरे बगैर,तूफान छुपे हुए हैं दिले-बेकरार में। दिल शायरी

ना पूछ दिल की हक़ीक़त मगर ये कहता है,कि वो बेक़रार रहे जिसने बेक़रार किया। - दिल शायरी

मुझे नही पता कि ये बिगड़ गया या सुधर गया,बस अब ये दिल किसी से मोहब्बत नही करता। - दिल शायरी

ये तो नहीं कि तुम सा जहान में हसीन नहीं,इस दिल का क्या करूँ ये बहलता कहीं नहीं। दिल शायरी

न ख़ुशी अच्छी है ऐ दिल न मलाल अच्छा है,यार जिस हाल में रखे वही हाल अच्छा है। - दिल शायरी

दिल टूटने से थोड़ी सी तकलीफ़ तो हुई,लेकिन तमाम उम्र को आराम हो गया। - दिल शायरी

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