सजदों में सिसकता देखो -जुदाई शायरी

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  • October 31, 2021

आओ किसी शब मुझे टूट के बिखरता देखो,मेरी रगों में ज़हर जुदाई का उतरता देखो,किस किस अदा से तुझे माँगा है खुदा से,आओ कभी मुझे सजदों में सिसकता देखो।

जुदाई शायरी

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मेरी जुदाई में वो मिलकर नहीं गया,उसके बगैर मैं भी कोई मर नहीं गया। - जुदाई शायरी

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