साँसों में तपिश -तन्हाई शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

साँसों में तपिश, यादों में कसक, आहों में नमी है,इस दिसंबर में सब कुछ है बस उसकी कमी है।

तन्हाई शायरी

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फिर कहीं दूर से एक बार सदा दो मुझको,मेरी तन्हाई का एहसास दिला दो मुझको,तुम तो चाँद हो तुम्हें मेरी ज़रुरत क्या है,मैं दिया हूँ किसी चौखट पे जला दो मुझको। - तन्हाई शायरी

चाँदनी बन के बरसने लगती हैंतेरी यादें मुझ पर,बड़ा ही दिलकश मेरीतनहाइयों का मंज़र होता है। तन्हाई शायरी

गुजर तो जाएगी तेरे बगैर भी लेकिनबहुत उदास बहुत बे-क़रार गुजरेगी। - तन्हाई शायरी

इस इश्क की परवाह में,हम तन्हा हो गये । तन्हाई शायरी

लोगों ने छीन ली है मेरी तन्हाई तक,इश्क आ पहुँचा है इलज़ाम से रुसवाई तक। - तन्हाई शायरी

अभी अभी वो मिला था हज़ार बातें कीं,अभी अभी वो गया है मगर ज़माना हुआ। - तन्हाई शायरी

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