सोच से ही है सब कुछ -प्रेरक शायरी

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  • October 31, 2021

लाख बदल लो आइनाचेहरा नहीं बदलता,हथेलियों पर खींचने से लकीरें,मुक़दर नहीं बदलता,सोच से ही है सब कुछ,बिन सोचे कुछ नहीं बदलता।

प्रेरक शायरी

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खोकर पाने का मज़ा ही कुछ और है,रोकर मुस्कुराने का मज़ा ही कुछ और है,हार तो जिंदगी का हिस्सा है मेरे दोस्त,हार के बाद जीतने का मजा ही कुछ और है। - प्रेरक शायरी

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