सो जा ऐ दिल -दिल शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

सो जा ऐ दिल आज धुंध बहुत है - तेरे शहर मेंअपने दिखते नहीं और जो दिखते है वो अपने नहीं।

दिल शायरी

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किस्से हैं दिल के( एडमिन द्वारा दिनाँक 01-11-2017 को प्रस्तुत )जिस नगर भी जाओ किस्से हैं कमबख्त दिल के,कोई ले के रो रहा है कोई दे के रो रहा है। - दिल शायरी

मोहब्बत मुझे थी उसी से सनम,यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा,मौत भी मेरी चाहत को रोक न सकी,कब्र में भी यह दिल धड़कता रहा । - दिल शायरी

तू ही बता दिल कि तुझे समझाऊं कैसे,जिसे चाहता है तू उसे नज़दीक लाऊँ कैसे,यूँ तो हर तमन्ना हर एहसास है वो मेरा,मगर उसको ये एहसास दिलाऊं कैसे। दिल शायरी

तमाम लोगों को अपनी अपनी मंजिल मिल चुकी,कमबख्त हमारा दिल है, कि अब भी सफर में है। - दिल शायरी

कभी पिघलेंगे पत्थर भीमोहब्बत की तपिश पाकर,बस यही सोच कर हमपत्थर से दिल लगा बैठे। - दिल शायरी

वो दिल लेकर हमें बेदिल ना समझें उनसे कह देना,जो हैं मारे हुए नज़रों के उनकी हर नज़र दिल है। - दिल शायरी

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