हजारों ने लूटा -सैड शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

मौसम को मौसम की बहारों ने लूटा,हमें तो कश्ती ने नहीं किनारों ने लूटा,आप तो डर गए हमारी एक ही अदा से,हमें आपकी कसम देकर हजारों ने लूटा।

सैड शायरी

Related Post

ज़लज़ले यूं ही बेसबब नहीं आते,कोई दीवाना तह-ए-खाक तड़पता होगा। सैड शायरी

मुहब्बत में सच्चा यार न मिला,दिल से चाहे हमें वो प्यार न मिला। सैड शायरी

उनको ये शिकायत है कि मैं बेवफाई पे नहीं लिखता,और मैं सोचता हूं कि मैं उनकी रुसवाई पे नहीं लिखता,ख़ुद अपने से ज्यादा बुरा जमाने में कौन है?मैं इसलिए औरों की बुराई पे नहीं लिखता,कुछ...

मुझे वो छोड़ गया ये कमाल है उस का,इरादा मैंने किया था कि छोड़ दूँगा उसे। सैड शायरी

उसकी आँखों से भी बरसता है सावन अब,मेरे भी चेहरे पर भी उदासियों के जंगल है। सैड शायरी

अब जिस के जी में आये( राजेश कुमार द्वारा दिनाँक 11-02-2015 को प्रस्तुत )अब जिस के जी में आये वही पाये रौशनी...हम ने तो दिल जला कर सरेआम रख दिया ।। - सैड शायरी

leaf-right
leaf-right