हमारे इश्क़ को यूं -इश्क़ शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

हमारे इश्क़ को यूं न आज़माओ सनम,पत्थरों को धड़कना सिखा देते हैं हम ।

इश्क़ शायरी

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किसी का इश्क़ किसी का ख्याल थे हम भी,गए दिनों में बहुत बा-कमाल थे हम भी। - इश्क़ शायरी

दिल की आवाज़ को इज़हार कहते हैं,झुकी निगाह को इकरार कहते हैं,सिर्फ पाने का नाम इश्क नहीं,कुछ खोने को भी प्यार कहते हैं। इश्क़ शायरी

नक़ाब क्या छुपाएगाशबाब-ए-हुस्न को, - इश्क़ शायरी

फिर इश्क़ का जूनून चढ़ रहा है सिर पे,मयख़ाने से कह दो दरवाज़ा खुला रखे।--------------------------------------अकेले हम ही शामिल नहीं इस जुर्म में जनाब,नजरें जब भी मिली थी मुस्कराये तुम भी थे।--------------------------------------लोग पूछते हैं कौन सी...

उसी से पूछ लो उसके इश्क की कीमत,हम तो बस भरोसे पे बिक गए। इश्क़ शायरी

इक बात कहूँ इश्क़ बुरा तो नहीं मानोगे,बड़ी मौज के थे दिन, तुमसे पहचान से पहले। इश्क़ शायरी

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