हमें तो दर्द माफिक है – दर्द शायरी – दर्द शायरी

  • By Admin

  • February 27, 2022

हमें तो दर्द माफिक है

मोहब्बत की नफ़ासत का बहाना भूल जाओगे,
हमारे ज़ख्म देखोगे निभाना भूल जाओगे,
हमें तो दर्द माफिक है मौसम-ए-हिज्र में हमदम,
इसे तुम जी के देखोगे ज़माना भूल जाओगे।

- दर्द शायरी

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दर्द सुनाया करता है( एडमिन द्वारा दिनाँक 05-11-2019 को प्रस्तुत )काग़ज़ काग़ज़ हर्फ़ सजाया करता है,तन्हाई में शहर बसाया करता है,कैसा पागल शख्स है सारी-सारी रात,दीवारों को दर्द सुनाया करता है,रो देता है आप ही...

जितनी शिद्दत से मुझे ज़ख्म दिए है उसने,इतनी शिद्दत से तो मैंने उसे चाहा भी नहीं था। - दर्द शायरी

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हकीकत में खामोशीकभी भी चुप नहीं रहती, दर्द शायरी

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