हमें तो दर्द माफिक है – दर्द शायरी

मोहब्बत की नफ़ासत का बहाना भूल जाओगे,
हमारे ज़ख्म देखोगे निभाना भूल जाओगे,
हमें तो दर्द माफिक है मौसम-ए-हिज्र में हमदम,
इसे तुम जी के देखोगे ज़माना भूल जाओगे।

- दर्द शायरी

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