हमें पुकारा ना करो -जुदाई शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

दिल से हमें पुकारा ना करो,यूँ आँखों से इशारा ना करो,तुमसे दूर हैं मजबूरी है हमारी,तन्हाई में हमें यूँ तड़पाया ना करो।

जुदाई शायरी

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आओ किसी शब मुझे टूट के बिखरता देखो,मेरी रगों में ज़हर जुदाई का उतरता देखो,किस किस अदा से तुझे माँगा है खुदा से,आओ कभी मुझे सजदों में सिसकता देखो। जुदाई शायरी

हमें ये मोहब्बत किस मोड़ पे ले आई,दिल में दर्द है और ज़माने में रुसवाई,कटता है हर एक पल सौ बरस के बराबर,अब मार ही डालेगी मुझे तेरी जुदाई। - जुदाई शायरी

तूने जुदाई माँगी( एडमिन द्वारा दिनाँक 07-12-2017 को प्रस्तुत )तुझे चाहा तो बहुत इजहार न कर सके,कट गई उम्र किसी से प्यार न कर सके,तूने माँगा भी तो अपनी जुदाई माँगी,और हम थे कि तुझे...

जुदाइयों के ज़ख़्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए,तुझे भी नींद आ गई मुझे भी सब्र आ गया। जुदाई शायरी

आपकी आहट दिल को बेकरार करती है,नज़र तलाश आपको बार-बार करती है,गिला नहीं जो हम हैं इतने दूर आपसे,हमारी तो जुदाई भी आपसे प्यार करती है। - जुदाई शायरी

हमें ये मोहब्बत किस मोड़ पे ले आई,दिल में दर्द है और ज़माने में रुसवाई,कटता है हर एक पल सौ बरस के बराबर,अब मार ही डालेगी मुझे तेरी जुदाई। जुदाई शायरी

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