हर रात रो रो के -अश्क़ शायरी

  • By Admin

  • October 31, 2021

हर रात रो-रो के उसे भुलाने लगे,आंसुओं में उस के प्यार को बहाने लगे,ये दिल भी कितना अजीब है कि,रोये हम तो वो और भी याद आने लगे ।

अश्क़ शायरी

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आंसू मेरे देखकर तू परेशान क्यों है ऐ दोस्त,ये वो अल्फाज हैं जो जुबान तक आ न सके । अश्क़ शायरी

थमे आँसू तो फिर तुम शौक़ से घर को चले जाना,कहाँ जाते हो इस तूफ़ान में पानी ज़रा ठहरे। अश्क़ शायरी

आँसू लेके आँखों में( मनीष द्वारा दिनाँक 23-07-2017 को प्रस्तुत )आँखों में आँसू लेके होठों से मुस्कुराये,हम जैसे जी रहे हैं कोई जी के तो बताये। - अश्क़ शायरी

रेत भरी है आँखों में आँसू से तुम धो लेना,कोई सूखा पेड़ मिले तो उससे लिपटकर रो लेना। - अश्क़ शायरी

लगता है मैं भूल चुका हूँ मुस्कुराने का हुनरकोशिश जब भी करता हूँ आँसू निकल आते हैं । - अश्क़ शायरी

प्यास इतनी है मेरी रूह की गहराई में,अश्क गिरता है तो दामन को जला देता है। अश्क़ शायरी

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