हुआ जब इश्क़ का -सैड शायरी

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  • October 31, 2021

हुआ जब इश्क़ का एहसास उन्हें,आकर वो पास हमारे सारा दिन रोते रहे,हम भी निकले खुदगर्ज़ इतने यारो कि,कफ़न में आँखें बंद करके सोते रहे।

सैड शायरी

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उल्फत में अक्सर ऐसा होता है,आँखे हंसती हैं और दिल रोता है,मानते हो तुम जिसे मंजिल अपनी,हमसफर उनका कोई और होता है। सैड शायरी

ज़िंदा रहे तो क्या है जो मर जाएं हम तो क्या,दुनिया से खामोशी से गुजर जाएं हम तो क्या,हस्ती ही अपनी क्या है इस ज़माने के सामने,एक ख्वाब हैं जहान में बिखर जायें हम तो...

​याद जब आती है तुम्हारी तो सिहर जाता हूँ मैं,देख कर साया तुम्हारा अब तो डर जाता हूँ मैं,अब न पाने की तमन्ना है न है खोने का डर,जाने क्यूँ अपनी ही चाहत से मुकर...

जब भी वो उदास हो उसे मेरी कहानी सुना देना,मेरे हालात पर हंसना उसकी पुरानी आदत है । सैड शायरी

वो आँसू वो तड़प( एडमिन द्वारा दिनाँक 15-09-2016 को प्रस्तुत )ले लो वापस वो आँसू वो तड़प वो यादें सारी,नहीं कोई जुर्म हमारा तो फिर ये सजाएं कैसी। - सैड शायरी

शायरी क़यामत के रोज़( एडमिन द्वारा दिनाँक 30-12-2015 को प्रस्तुत )क़यामत के रोज़ फ़रिश्तों ने जब माँगाउससे ज़िन्दगी का हिसाब,ख़ुदा, खुद मुस्कुरा के बोला,जाने दो... मोहब्बत की है इसने। - सैड शायरी

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