ख़याल की छाँव -उदासी शायरी

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  • October 31, 2021

तपिश से बच कर घटाओं में बैठ जाते हैं,गए हुए की सदाओं में बैठ जाते हैं,हम अपनी उदासी से जब भी घबराये,तेरे ख़याल की छाँव में बैठ जाते हैं।

उदासी शायरी

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तू हमसफ़र तू हमडगर तू हमराज नजर आता है,मेरी अधूरी सी जिंदगी का ख्वाब नजर आता है,कैसी उदास है जिंदगी... बिन तेरे... हर लम्हा,मेरे हर लम्हे में तेरी मौजूदगी का अहसास नजर आता है। -...

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टूटे हुये सपनो और रूठे( एडमिन द्वारा दिनाँक 14-06-2015 को प्रस्तुत )टूटे हुये सपनों औररूठे हुये अपनों ने उदास कर दिया,वरना लोग हमसेमुस्कराने का राज पूछा करते थे । - उदासी शायरी

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