2 Line Shayari Ajeeb Si Basti – 2 Line Shayari

अजीब सी बस्ती में ठिकाना है मेरा
जहाँ लोग मिलते कम झांकते ज़्यादा है।


बात मुक्कदर पे आ के रुकी है वर्ना,
कोई कसर तो न छोड़ी थी तुझे चाहने में।


अरे कितना झुठ बोलते हो तुम,
खुश हो और कह रहे हो मोहब्बत भी की है।


सुनो.. तुम ही रख लो अपना बना कर,
औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर।


किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम..
चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।


वहां तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है,
जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना।


क्या बताऊँ इस दिल का आलम नसीब में लिखा है इंतज़ार करना।


अधूरी मोहब्बत मिली तो नींदें भी रूठ गयी,
गुमनाम ज़िन्दगी थी तो कितने सकून से सोया करते थे।


कागज़ों पे लिख कर ज़ाया कर दूं मै वो शख़्स नही,
वो शायर हुँ जिसे दिलों पे लिखने का हुनर आता है।


झूठ बोलने का रियाज़ करता हूँ सुबह और शाम मैं,
सच बोलने की अदा ने हमसे कई अजीज़ यार छीन लिये।


हम ना बदलेंगे वक्त की रफ़्तार के साथ, हम जब भी मिलेंगे अंदाज पुराना होगा,
नजर चाहती है दीदार करना दिल चाहता है प्यार करना।

- 2 Line Shayari

Related Post

मैंने तो सुना था सब्र का फल मीठा होता है, सब्र तो बहुत कर लिया तुम क्यूँ नही मिले। अपनों की भीड़ में भी सभी पराए मिलते हैं, तेरे शहर में सभी तन्हाई के सताए...

तेरा नजरिया मेरे नजरिये से अलग था… शायद तूने वक्त गुजारना था और हमे सारी जिन्दगी.. वाह रे इश्क़ तेरी मासूमियत का जवाव नहीं.।। हँसा हँसा कर करता है बर्बाद तू मासूम लोगो को.।। Mera...

जलवे तो बेपनाह थे इस कायनात में, ये बात और है कि नजर तुम पर ही ठहर गई। में रंग हुँ तेरे चेहरे का, जितना तू खुश रहेगा उतना में जाऊंगा जाऊँ गा हम अल्फाजो...

किसी को प्यार करो तो इतना करो की.. बयां करने से पहले उसे भी तुमसे प्यार हो जाए। मैं, मेरी तन्हाई, मेरा दर्द और तेरी यादें, हर रात एक ही तकिये पर सोते हैं इकट्ठे...

मेरी हर बात को उल्टा वो समझ लेते हैं, अब के पूछा तो कह दूंगा कि हाल अच्छा है.. खामोशियाँ में शोर को सुना है मैंने, ये ग़ज़ल गुंगुनायेगी रात के साये में । मिला...

जुल्म के सारे हुनर हम पर यूँ आजमाये गये, जुल्म भी सहा हमने.. और जालिम भी कहलाये गये। ज़ख्म कहां कहां से मिले है, छोड़ इन बातो को, ज़िन्दगी तु तो ये बता, सफर कितना...

leaf-right
leaf-right