2 Line Shayari Mujhe Bhi Sikha Do – 2 Line Shayari

मुझे भी सिखा दो भूल जाने का हुनर..
मैं थक गया हूँ हर लम्हा हर सांस तुम्हें याद करते करते..!!


सिलसिला ये चाहत का दोनो तरफ से था,
वो मेरी जान चाहती थी और मैं जान से ज्यादा उसे।


शायद कुछ दिन और लगेंगे, ज़ख़्मे-दिल के भरने में,
जो अक्सर याद आते थे वो कभी-कभी याद आते हैं।


अपने वजूद पर इतना न इतरा ए ज़िन्दगी..
वो तो मौत है जो तुझे मोहलत देती जा रही है!!


होता अगर मुमकिन, तुझे साँस बना कर रखते सीने में,
तू रुक जाये तो मैं नही, मैं मर जाऊँ तो तू नही.


आज तो हम खूब रुलायेंगे उन्हें,
सुना है उसे रोते हुए लिपट जाने की आदत है!


आज भी प्यारी है मुझे तेरी हर निशानी ..
फिर चाहे वो दिल का दर्द हो या आँखो का पानी।


उम्र छोटी है तो क्या, ज़िंदगी का हरेक मंज़र देखा है,
फरेबी मुस्कुराहटें देखी हैं, बगल में खंजर देखा।


मुश्किल नहीं है कुछ दुनिया में, तू जरा हिम्मत तो कर…
खवाब बदलेगें हकीकत में.. तू ज़रा कोशिश तो कर।


वफ़ा के वादे वो सारे भुला गयी चुप चाप,
वो मेरे दिल की दीवारें हिला गयी चुप चाप।

- 2 Line Shayari

Related Post

ये मत समझ कि तेरे काबिल नहीं हैं हम, तड़प रहे हैं वो जिसे हासिल नहीं हैं हम। हम जा रहे हैं वहां जहाँ दिल की हो क़दर, बैठे रहो तुम अपनी अदायें लिये हुए।...

तु मुझसे मेरे गुनाहों का हिसाब ना मांग मेरे खुदा मेरी तकदीर लिखने में, कलम तो तेरी ही चली थी। यूँ ही नहीं होती हाँथ की लकीरों के आगे उँगलियाँ, रब ने भी किस्मत से...

वो कतरा-कतरा मुझे तबाह करते गये, हम रेशा-रेशा उनपे निसार होते गए। बदल जाती है ज़िंदगी की हक़ीक़त, जब तुम मुस्कुराकर कहते हो तुम बहुत प्यारे हो। सुनो! मुख़्तलिफ़ है इश्क़ का गणित, यहाँ तुम...

दो रास्ते जींदगी के दोस्ती और प्यार, एक जाम से भरा दुसरा इल्जाम से। ज़िन्दगी ने मर्ज़ का क्या खूब इलाज सुझाया, वक्त को दवा बताया ख्वाहिशों से परहेज़ बताया। थोङा ऐतबार करो मुझ पर...

नज़रों से दूर सही दिल के बहुत पास है तू.. बिखरी हुई इस ज़िन्दगी में मेरे जीने की आस है तू.. वो मेरी हर दुआ में शामिल था जो किसी और को बिन मांगे मिल...

न जाने कब खर्च हो गये, पता ही न चला, वो लम्हे, जो छुपाकर रखे थे जीने के लिये। बहुत सा पानी छुपाया है मैंने अपनी पलकों में, जिंदगी लम्बी बहुत है, क्या पता कब...

leaf-right
leaf-right