Hindi Poems Koshish Kar Hal Nikalega – Hindi Poems Poetry

कोशिश कर, हल निकलेगा।
आज नही तो, कल निकलेगा।

अर्जुन के तीर सा सध,
मरूस्थल से भी जल निकलेगा।।

मेहनत कर, पौधो को पानी दे,
बंजर जमीन से भी फल निकलेगा।

ताकत जुटा, हिम्मत को आग दे,
फौलाद का भी बल निकलेगा।

जिन्दा रख, दिल में उम्मीदों को,
गरल के समन्दर से भी गंगाजल निकलेगा।

कोशिशें जारी रख कुछ कर गुजरने की,
जो है आज थमा थमा सा, चल निकलेगा।।

- Hindi Poems Poetry

Related Post

इतना बतला इतना बतला के मुझे हरजाई हूँ मैं यार कि तू, मैं हर इक शख्स से रखता हूँ सरोकार के तू.. कम-सबाती मेरी हरदम है मुखातिब ब-हबाब, देखें तो पहले हम उस बहर से...

Dharti se sawan ki bundein milne jab bhi aati hain, Uski shikayat karti hain kuchh apna dard sunati hain. Kuchh rishte naye banati ehsaas naya de jati hain, Har ek kali ko phool baag ko...

हे परमात्मा, अगर आप का कुछ तोड़ने का मन करे, तो मेरा ग़रूर तोड़ देना.. अगर आप का कुछ जलाने का मन करे, तो मेरा क्रोध जला देना.. अगर आप का कुछ बुझाने का मन...

Mehnat se utha hoon, mehnat ka dard jaanta hoon, aashma se jyada, zami ki kdra jaanta hoon, Lacheela ped tha jo jhel gaya aandhiya, main magroor darakhton ka hashra jaanta hoon, Chote se bada banana...

Mayush To Hun Vaade Se Tere Khuch Aas Nahi Aur Aas Bhi Hai Main Apne Khayalon Ke Sadke Tu Paas Nahi Aur Paas Bhi Hai Dil Ne To Khushi Mangi Thi Magar Jo Tune Diya...

ये सुन्दर कविता.. हर रिश्ते के लिए मैं रूठा, तुम भी रूठ गए फिर मनाएगा कौन! आज दरार है, कल खाई होगी फिर भरेगा कौन! मैं चुप, तुम भी चुप इस चुप्पी को फिर तोडे़गा...

leaf-right
leaf-right