तारीफ़ शायरी

प्यार भरी निगाहों से – तारीफ़ शायरी – तारीफ़ शायरी

प्यार भरी निगाहों से
( प्रीत द्वारा दिनाँक 14-12-2015 को प्रस्तुत )
तुम्हारी प्यार भरी निगाहों को देखकरहमें कुछ गुमान होता है,देखो ना मुझे इस कदर मदहोश नज़रों सेकि दिल बेईमान होता है।

– तारीफ़ शायरी

शायरी लिखते हो क्यों – तारीफ़ शायरी – तारीफ़ शायरी

शायरी लिखते हो क्यों
( राजीव द्वारा दिनाँक 30-10-2015 को प्रस्तुत )
पूछते हैं मुझसे की शायरी लिखते हो क्योंलगता है जैसे आईना देखा नहीं कभी ।

– तारीफ़ शायरी

तेरा शबाब – तारीफ़ शायरी – तारीफ़ शायरी

तेरा शबाब
( एडमिन द्वारा दिनाँक 26-10-2015 को प्रस्तुत )
मेरी निगाह-ए-शौक़ भी कुछ कम नहीं मगर,फिर भी तेरा शबाब तेरा ही शबाब है।
~ जिगर मुरादाबादी

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गौर से ना देखा होता – तारीफ़ शायरी – तारीफ़ शायरी

गौर से ना देखा होता
( एडमिन द्वारा दिनाँक 17-10-2015 को प्रस्तुत )
नहीं बसती किसी और की सूरत अब इन आँखो में,काश कि हमने तुझे इतने गौर से ना देखा होता।

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