दर्द शायरी

दर्द सुनाया करता है – दर्द शायरी

काग़ज़ काग़ज़ हर्फ़ सजाया करता है,तन्हाई में शहर बसाया करता है,कैसा पागल शख्स है सारी-सारी रात,दीवारों को दर्द सुनाया करता है,रो देता है आप ही अपनी बातों पर,और फिर खुद को आप हंसाया करता है।
– दर्द शायरी

दर्द ही दर्द है – दर्द शायरी

दर्द ही दर्द है दिल में बयान कैसे करें,ज़िंदगी ग़मों की गुलाम रिहा कैसे करें,यूँ तो हमें हमारे दिल ने धोखे दिए बहुत,पर अपने दिल से हम दगा कैसे करें।(प्रताप सिंह)
– दर्द शायरी

मेरी जिंदगी की कहानी – दर्द शायरी

मेरी जिंदगी की कहानी भी बड़ी मशहूर हुई,जब मैं भी किसी के ग़म में चूर हुई,मुझे इस दर्द के साथ जीना पड़ा,कुछ इस कदर मैं वक़्त के हाथों मजबूर हुई।
– दर्द शायरी

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