Thursday , May 6 2021

शिक़वा शायरी Category

बहुत मसरूफ शायरी – शिक़वा शायरी

बहुत मसरूफ हो शायद जो हम को भूल बैठे हो,न ये पूछा कहाँ पे हो न यह जाना के कैसे हो।————————————– क्यूँ करते हो मेरे दिल पर इतना सितम?याद करते नहीं, तो याद आते ही क्यूँ हो।————————————– ना तुम बुरे सनम, ना हम बुरे सनम,कुछ किस्मत बुरी है और कुछ …

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इस दुनिया में ज़माने – शिक़वा शायरी

इस दुनिया में ज़माने से लड़ना आसान हैकम से कम हार जीत का पता तो चलता है,मगर खुद से लड़ना बहुत मुश्किल हैहार जीत का पता ही नहीं चलता…दिमाग कुछ और सोचता है और दिल कुछ और करता है। – शिक़वा शायरी

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क्यों ऐसे खोये खोये – शिक़वा शायरी

तुम क्यों ऐसे खोये खोये रहते हो,तुम क्यों ऐसे गुमसुम से रहते हो,कौन सा ग़म है तुम्हें जो सबसे छिपाते हो,किसलिए हर बात पर अपना जी जलाते हो,क्यों आज तक तुमने किसी को अपना बनाया नहीं,क्यों तुम्हें किसी ने हँसना सिखाया नहीं। – शिक़वा शायरी

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