Monday , May 17 2021

सैड शायरी Category

नाकाम मोहब्बत का नक्श – सैड शायरी

आइने में अक्सर जो अक्स नज़र आता है,खुद से लड़ता हुआ एक शख़्स नज़र आता है,वो किसी बात पे खुद से खफा लगता है,नाकाम मोहब्बत का नक्श नजर आता है। – सैड शायरी

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और भी ज़ख्म हैं – सैड शायरी

दिल कहता है मोहब्बत नहीं क़यामत है ये,फिर दिल की दीवार पर तेरा चेहरा क्यूँ है,और भी ज़ख्म हैं तेरे ज़ख्मों के सिवा,तेरे ही ज़ख्म का दाग इतना गहरा क्यूँ है। – सैड शायरी

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तमाम रात का तूफ़ान – सैड शायरी

तमाम रात का तूफ़ान बर्क-ओ-बाद न था,हमको ही अपने चिरागों पर ऐतमाद न था,वो तो लहू के धब्बों से पहचान बन गई,वर्ना मेरे घर का पता किसी को याद न था। – सैड शायरी

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क्यों नहीं समझते – सैड शायरी

उनकी मुस्कान हमारी कमजोरी है,उनसे कुछ कह न पाना हमारी मजबूरी है,वो क्यों नहीं समझते हमारी ख़ामोशी को,क्या ख़ामोशी को जुबान देना जरूरी है। – सैड शायरी

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उम्मीदों के मुकाम – सैड शायरी

चाहत की राह में बिखरे अरमान बहुत हैं,हम उसकी याद में परेशान बहुत हैं,वो हर बार दिल तोड़ता है ये कह कर,मेरी उम्मीदों के अभी मुकाम बहुत हैं। – सैड शायरी

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तुम्हें रातें रुलायेंगी – सैड शायरी

मेरी यादें, मेरा चेहरा, मेरी बातें रुलायेंगी,हिज़्र के दौर में, गुज़री मुलाकातें रुलायेंगी,दिन तो चलो तुम काट भी लोगे फसानों में,जहाँ तन्हा रहोगे तुम, तुम्हें रातें रुलायेंगी। – सैड शायरी

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